5 August, 2025
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है, इस वर्ष 05 अगस्त 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत रखने से संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए विशेष फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत विशेष रूप से उन दंपत्तियों के लिए फलदायक होता है, जिन्हें संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही होती।
पंचांग के अनुसार, 05 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 12 मिनट तक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ हो जाएगी। इसी आधार पर पुत्रदा एकादशी व्रत 5 अगस्त को रखा जाएगा और व्रत का पारण 06 अगस्त 2025 (बुधवार) को किया जाएगा।
पुत्रदा एकादशी व्रत का महत्व:
इस व्रत का वर्णन स्कंद पुराण और विष्णु पुराण जैसे ग्रंथों में किया गया है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से संतान सुख मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह व्रत संतान की उन्नति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए भी किया जाता है।
व्रत करने की विधि:
- व्रती को एक दिन पहले संकल्प लेकर सात्विक भोजन करना चाहिए।
- एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु की पूजा करें, तुलसी दल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
- रात्रि जागरण व भजन-कीर्तन करना पुण्यदायक माना जाता है।
- द्वादशी के दिन पारण कर व्रत का समापन किया जाता है।
पारण का समय (06 अगस्त 2025):
पारण का श्रेष्ठ समय सूर्योदय के बाद होता है। इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को द्वादशी तिथि में व्रत तोड़ना चाहिए, जिससे पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।