मोहाली | वरिष्ठ अकाली दल नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया की जमानत याचिका पर मोहाली कोर्ट में आज सुनवाई हुई, जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों ने करीब दो घंटे तक दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान मुकदमे के दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्कों को मजबूती से रखा, जिसके बाद अदालत ने इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखकर अगली सुनवाई सोमवार, 11 तारीख को तय कर दी।
बिक्रम मजीठिया पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप हैं, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है क्योंकि मजीठिया अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी को पार्टी और समर्थकों ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था, जबकि जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता पर जोर दे रही हैं।
कोर्ट में पेश हुए तर्कों के अनुसार, मजीठिया की ओर से दावा किया गया कि उनकी संपत्ति के संबंध में आरोप आधारहीन और राजनीतिक प्रेरित हैं। वहीं, राज्य की ओर से यह तर्क दिया गया कि मजीठिया के खिलाफ साक्ष्य मजबूत हैं और जमानत पर रिहाई से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस काफी तीव्र रही, जिसमें कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जल्द निर्णय नहीं दिया। अब अदालत सोमवार को फिर से इस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें अंतिम फैसला संभवतः सुनाया जाएगा।
यह मामला पंजाब में भ्रष्टाचार और राजनीति के जटिल समीकरणों को उजागर करता है और आने वाले दिनों में इस पर और ध्यान रखा जाएगा।