Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला जिले की ठियोग तहसील से संबंध रखने वाले संजय भारद्वाज को हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड का पहला डिप्टी-संयोजक (उपाध्यक्ष) नियुक्त किया है। इस पद का गठन पहली बार किया गया है, जिससे राज्य सरकार की मंशा और इस नियुक्ति का महत्व दोनों ही स्पष्ट होते हैं। शुक्रवार को इस संबंध में हिमाचल प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई।
साधारण पृष्ठभूमि से राजनीति तक का सफर
35 वर्षीय संजय भारद्वाज एक साधारण, गैर-राजनीतिक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं और वर्तमान सरकार में इस स्तर तक पहुंचने वाले शिमला जिले के पहले ब्राह्मण युवा हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) से की थी। निरंतर सक्रियता और सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव के चलते वह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी सहयोगियों में गिने जाने लगे।
नशा मुक्ति मिशन को मिलेगा नया नेतृत्व
मुख्यमंत्री सुक्खू के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए संजय भारद्वाज को प्रदेश खेल विभाग का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद, फरवरी 2020 में उन्हें प्रदेश किसान कांग्रेस का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2023 में कर्नाटक के घटप्रभा स्थित सेवादल राष्ट्रीय प्रशिक्षण अकादमी में 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें सेवादल युवा ब्रिगेड का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया।
अप्रैल 2025 में उन्हें नशा निवारण बोर्ड का गैर-सरकारी सदस्य नियुक्त किया गया था। अब उन्हें उसी बोर्ड में डिप्टी-संयोजक जैसी महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब प्रदेश युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर गंभीर है और सरकार व्यापक जन-जागरूकता अभियान चला रही है।
राज्य सरकार का युवाओं पर भरोसा
संजय भारद्वाज को यह नई जिम्मेदारी सौंपना यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है। यह पद पहले कभी अस्तित्व में नहीं था, लेकिन सरकार ने इसे विशेष रूप से संजय के लिए सृजित किया, जो न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि युवा कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।