गुरुग्राम | प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम के शिकोहपुर क्षेत्र में हुए एक विवादित भूमि सौदे को लेकर बड़ा दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने जांच को गुमराह करने के लिए तीन मृत व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उन्होंने खुद लेनदेन की पूरी जानकारी छुपाई।
ईडी ने आरोप लगाया है कि वाड्रा की कंपनी ने वर्ष 2008 में मात्र ₹7.5 करोड़ में खरीदी गई जमीन को चार साल बाद ₹58 करोड़ में प्रमुख रियल एस्टेट फर्म को बेच दिया। इस बीच, इस सौदे को तत्कालीन आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने नियमों के उल्लंघन के कारण चुनौती दी थी।
ईडी ने वाड्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत 17 जुलाई को चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने वाड्रा से जुड़े कुल ₹38 करोड़ से अधिक की संपत्तियां भी जब्त की हैं।
पूछताछ के दौरान वाड्रा ने कहा कि जमीन के लेनदेन को तीन मृत व्यक्तियों के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया, लेकिन उन्होंने उस व्यक्ति की पहचान करने से इनकार किया जिसने सौदे पर दस्तखत किए थे।