Summer express, पंचकूला,करुणा मित्तल | भारत विकास परिषद, पंचकूला मुख्य शाखा द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 2 जून से 6 जून तक आयोजित इस शिविर में लगभग 65 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नैतिक मूल्यों, अनुशासन, आत्मविश्वास और रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास, भारतीय संस्कारों के संवर्धन और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
शिविर के दौरान बच्चों को योग, ध्यान, नैतिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान, पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता, बचत की आदत, संयुक्त परिवार के महत्व तथा भारतीय त्योहारों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा देशभक्ति गीत, नृत्य, कला एवं शिल्प, मोबाइल उपवास तथा सौर मंडल की नाटकीय प्रस्तुति जैसी गतिविधियों ने बच्चों की प्रतिभा को नई दिशा प्रदान की।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष रूप से हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का संदेश दिया गया। साथ ही “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अनुपयोगी वस्तुओं के पुनः उपयोग की कला सिखाई गई। इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
परिषद के अध्यक्ष पीयूष जैन ने अपने स्वागत संबोधन में बच्चों को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहने तथा खेल-खेल में सीखने की प्रेरणा दी। परिषद के सचिव अनिरुद्ध भट्ट ने हवन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।
महिला संयोजिका गीताशा खन्ना एवं प्रांतीय पर्यावरण संयोजिका सुनीता मंगल ने बच्चों को विभिन्न सब्जियों के माध्यम से पेंटिंग बनाना और अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री तैयार करना सिखाया। शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया। इसके साथ ही प्रतिभागियों के दंत स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
समापन समारोह में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय गान के साथ शिविर का समापन हुआ। शिविर के सफल आयोजन में उषा गुप्ता, सुषमा राजपाल, गीताशा खन्ना, प्रीति शर्मा सहित परिषद की महिला सदस्यों का विशेष योगदान रहा। प्रकल्प प्रमुख उषा गुप्ता, सुषमा राजपाल एवं प्रीति शर्मा ने सभी सहयोगियों, अभिभावकों और प्रतिभागी बच्चों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संस्कार शिविर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह शिविर बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक सफल एवं प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।