Mandi, Dharamveer
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि राज्य में अब कोई भी नया शिक्षण संस्थान नदियों और नालों के पास नहीं बनाया जाएगा। सुंदरनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि हालिया आपदा में सबसे अधिक नुकसान उन्हीं स्कूलों और कॉलेजों को हुआ है जो जल स्रोतों के निकट बने थे।
मंत्री ने कहा कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त संस्थानों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्निर्मित किया जाएगा। जमीन चयन की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर होगी, जो स्वयं स्थल का निरीक्षण करेंगे ताकि भविष्य में निर्माण को लेकर कोई विवाद या जोखिम न रहे।
आपदा से पूरे प्रदेश के 523 शिक्षण संस्थान प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 109 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। विभाग को कुल 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पुनर्निर्माण के लिए 16 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिसमें से 9 करोड़ रुपये अकेले मंडी जिले के लिए हैं, क्योंकि यहां नुकसान सबसे ज्यादा हुआ है। निर्माण कार्य हिमुडा के माध्यम से करवाए जाएंगे।इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल, हेडमास्टर और पीजीटी के पदोन्नति सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसे जल्द जारी किया जाएगा। अन्य वर्गों की प्रमोशन लिस्ट भी चरणबद्ध तरीके से प्रकाशित की जाएगी।