Mandi, Dharamveer
हिमाचल प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी परिषद ने प्रदेश सरकार से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों के लिए बोर्ड के गठन की घोषणा करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद से ऐसा कोई बोर्ड गठित नहीं हुआ है, जिसके चलते स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में परिषद के महासचिव डॉ. अतुल ठाकुर ने कहा कि पहले बोर्ड की नियमित बैठकों में स्वतंत्रता सेनानियों की समस्याओं का समाधान किया जाता था, लेकिन पिछले आठ वर्षों से यह प्रक्रिया ठप है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस बारे में चर्चा के बावजूद केवल आश्वासन मिले, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
डॉ. ठाकुर ने बताया कि अब स्वतंत्रता सेनानियों को स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े अवसरों पर आमंत्रित तक नहीं किया जाता। परिषद के पास अपना कार्यालय भी नहीं है, जबकि पहले गांधी भवन में यह सुविधा उपलब्ध थी। कई स्वतंत्रता सेनानियों के घरों तक सड़कें नहीं पहुंचीं और आरक्षण के तहत खाली पड़े पद भी भरे नहीं जा रहे हैं। यहां तक कि उनके परिजनों को प्रमाण पत्र बनवाने में भी दिक्कतें आती हैं।परिषद ने सरकार से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस पर बोर्ड के गठन की घोषणा कर नियमित बैठकें शुरू की जाएं, ताकि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।इस मौके पर परिषद के मुख्य सलाहकार ओम चंद, अध्यक्ष जगदीश गुलेरिया, उपाध्यक्ष केके वर्मा, कोषाध्यक्ष जितेंद्र मोहन, मंडी मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह मिन्हास और सुंदरनगर अध्यक्ष दुनी चंद शर्मा सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।