Mandi, Dharamveer
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग को देखते हुए आईआईटी मंडी के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) और नेजेंट एआई ने मिलकर एक विशेष हाइब्रिड “नो-कोड एआई एजेंट” कार्यशाला की घोषणा की है। इसका उद्देश्य पेशेवर युवाओं को बिना कोडिंग अनुभव के भी सक्षम एआई एजेंट तैयार करने की स्किल देना है।
यह 23 घंटे का कोर्स ऑनलाइन मॉड्यूल और आईआईटी मंडी कैंपस इमर्शन, दोनों स्वरूपों में होगा। प्रतिभागियों को नेजेंट एआई के माध्यम से सैकड़ों एडवांस्ड एआई मॉडल, RAG पाइपलाइन और टूल्स के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इस कार्यशाला के लिए केवल 30 सीटें हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार इस लिंक से रजिस्टर कर सकते हैं।
आईआईटी मंडी टीआईएच के सीईओ सोमजीत अमृत ने बताया कि यह भारत की पहली ऐसी व्यावहारिक कार्यशाला है, जो कार्यरत पेशेवरों को एजेंटिक एआई के लिए एक प्रैक्टिकल रोडमैप प्रदान करेगी। हालिया अनुमान के अनुसार 2027 तक भारत में 10 लाख से अधिक एआई पेशेवरों की कमी होगी, जबकि नौकरियों की संख्या 23 लाख तक पहुंच सकती है।नेजेंट एआई के सह-संस्थापक और सीईओ प्रताप बेहरा ने कहा कि इस कोर्स में एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन, मल्टी-एजेंट सहयोग, एजेंटिक प्रॉम्प्टिंग और नो-कोड RAG जैसे विषय शामिल हैं। 2024 में स्थापित नेजेंट एआई का मिशन एआई एजेंट निर्माण को सभी के लिए सुलभ बनाना है, जो लो-कोड/नो-कोड प्लेटफॉर्म और सुरक्षित, प्रोडक्शन-रेडी एजेंट तैनाती पर केंद्रित है।