अमेरिकी | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए वॉशिंगटन डी.सी. की पुलिस का नियंत्रण संघीय सरकार के हाथों में ले लिया। इसके साथ ही उन्होंने शहर की सड़कों पर 800 नेशनल गार्ड जवानों की तैनाती का ऐलान किया। यह फैसला स्थानीय नेताओं के कड़े विरोध और संवैधानिक बहस के बीच सामने आया है।
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “अब साहसिक कदम उठाने का समय है। शुरुआत डी.सी. से हो रही है, लेकिन यह आगे भी बढ़ेगा।” उन्होंने “सार्वजनिक सुरक्षा आपातकाल” घोषित करते हुए District of Columbia Home Rule Act की धारा 740 का इस्तेमाल किया, जिसके तहत राष्ट्रपति आपातकाल में डी.सी. पुलिस का नियंत्रण ले सकते हैं।
इस आदेश के बाद अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग की नई प्रमुख होंगी। यह नियंत्रण फिलहाल 30 दिनों तक के लिए होगा, जिसे कांग्रेस चाहे तो आगे बढ़ा सकती है।
डी.सी. की मेयर म्यूरियल बाउसर ने इसे “अस्थिर करने वाला” कदम बताते हुए कहा कि राजधानी में अपराध दर पहले ही 26% कम हुई है, इसलिए नेशनल गार्ड की तैनाती पूरी तरह “ग़ैरज़रूरी” है। डी.सी. काउंसिल ने भी इस फैसले को स्थानीय अधिकारों पर हमला बताया।
ट्रंप के आदेश के तुरंत बाद सैकड़ों लोग व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठा हो गए और “Hands off D.C.” जैसे नारे लगाए। आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप राजधानी को “युद्ध क्षेत्र” में बदलने की कोशिश कर रहे हैं और यह कदम संभावित सैन्य शासन (मार्शल लॉ) की तैयारी है।
वहीं, ट्रंप का कहना है कि वॉशिंगटन दुनिया के “सबसे खतरनाक शहरों” में बदल चुका है और राजधानी की सड़कों को बेघर लोगों से खाली कराना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो सेना की तैनाती से भी परहेज़ नहीं करेंगे।