नई दिल्ली | अगर आप कुत्ते के शौकीन हैं और रोज़ाना अपने पालतू को सैर कराने ले जाते हैं, तो अब ज़रा सावधान हो जाइए। सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों से जुड़े आदेश के बाद, केंद्र सरकार ने पालतू कुत्तों पर भी सख्ती कर दी है। सोमवार को संसद में पेश हुए जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 में साफ कर दिया गया है कि सार्वजनिक जगहों पर बिना धातु की चेन और कॉलर के कुत्ते को बाहर घुमाने पर अब जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
कितना देना होगा जुर्माना?
अब तक यह जुर्माना सिर्फ 50 रुपये था, लेकिन नए नियम के मुताबिक इसे 1,000 रुपये कर दिया गया है। पहली बार गलती करने पर आपको केवल चेतावनी मिलेगी, लेकिन दूसरी बार पकड़े जाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
गाड़ियों और संपत्ति कर पर भी बदलाव
इस विधेयक में सिर्फ कुत्तों के नियम ही नहीं, बल्कि आम लोगों से जुड़े कई अहम बदलाव किए गए हैं:
- ड्राइविंग लाइसेंस – अब खत्म होने के 30 दिन बाद तक वैध माना जाएगा।
- गाड़ी का रजिस्ट्रेशन – राज्य में कहीं भी करा सकेंगे।
- रजिस्ट्रेशन रद्द करने की समयसीमा – 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है।
- प्रॉपर्टी टैक्स – नई दिल्ली नगर निगम में अब टैक्स वसूली यूनिट एरिया मेथड से होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
छोटे अपराधों में राहत
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस बिल का मकसद छोटे-छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाना और केवल जुर्माना या चेतावनी तक सीमित करना है। इससे अदालतों का बोझ कम होगा और आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
तो अगली बार जब आप अपने प्यारे डॉगी को टहलाने निकलें, उसकी चेन और कॉलर लगाना न भूलें, वरना आपका पेट नहीं, बल्कि आपकी जेब हिल जाएगी।