नई दिल्ली, 20 अगस्त 2025
दिल्ली के दरियागंज क्षेत्र में बुधवार सुबह एक पुरानी इमारत का हिस्सा गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसा सद्भावना पार्क के पास हुआ, जहाँ उस समय मजदूर काम कर रहे थे। इमारत गिरने के कारण मजदूर जुबैर, गुलसागर और तौफीक मलबे में दब गए, जिन्हें तुरंत मलबे से निकाला गया मगर उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए एलएनजेपी अस्पताल भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव और राहत कार्य तेजी से जारी है, ताकि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न रह जाए। स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद है और हादसे के कारणों की जांच शुरू हो गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल के साथ स्थानीय लोग भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इमारत की हालत खराब थी, तथा मजदूरों द्वारा निर्माण या मरम्मत संबंधी कार्य चल रहा था।
इमारत गिरने की वजह का पता लगाने के लिए जाँच चल रही है। नगर निगम के अधिकारियों ने इलाके की अन्य पुरानी इमारतों का निरीक्षण शुरू कर दिया है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
जिन मजदूरों की मौत हुई, वे मूल रूप से उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से थे और दिल्ली में रोजगार की तलाश में आए थे। उनके परिवारों को प्रशासन द्वारा सूचना दी गई है। इस हादसे ने फिर एक बार दिल्ली की पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों और बचाव अधिकारियों की तत्परता से राहत कार्य जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मृतकों के परिवारों को उचित मदद और मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
यह हादसा एक बार फिर राजधानी में पुरानी इमारतों की सुरक्षा की अनदेखी और मजदूरों की जोखिमपूर्ण स्थिति पर ध्यान आकर्षित करता है।