चंडीगढ़ | पंचकूला की बीड़ फिरोजड़ी गांव की 14 एकड़ जमीन से जुड़े विवाद में अम्बाला मंडल कमिश्नर संजीव वर्मा की कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस जमीन का म्यूटेशन रद्द कर दिया है, जिसे पहले तत्कालीन मंडल कमिश्नर रेनू फुलिया की कोर्ट से मंजूरी मिली थी।
मामले में खास बात यह रही कि जून 2023 में केस खत्म होने से दो महीने पहले ही रेनू फुलिया के पति और बेटे ने इस जमीन में 5 एकड़ का सौदा कर लिया था। जमीन मालिक को 24-24 लाख रुपये बतौर बयाना भी दिया गया था। बाद में जब विवाद बढ़ा तो तत्कालीन मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने रजिस्ट्री पर रोक लगाते हुए हाई लेवल कमेटी बनाई थी।
अब मंडल कमिश्नर संजीव वर्मा की कोर्ट ने इस म्यूटेशन को अवैध ठहराते हुए साफ कहा कि 13 सितंबर 2023 के आदेश का कोई कानूनी आधार नहीं था। आदेश में यह भी दर्ज है कि मामले में तत्कालीन अधिकारी की व्यक्तिगत रुचि और परिवार के पक्ष में लाभ पहुंचाने की मंशा साफ दिखाई देती है।
यह विवाद 2002 से शुरू हुआ था और इसमें 1396 एकड़ जमीन का मालिकाना हक शामिल है। सूत्रों का कहना है कि पंचकूला जिले की करीब 1400 एकड़ अधिशेष जमीन पर कई रिटायर्ड और मौजूदा आईएएस अधिकारियों का विवादित कब्जा भी है।