चंडीगढ़ | अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 130वां संविधान संशोधन बिल देश में अघोषित इमरजेंसी लागू करने जैसा है। इस बिल के जरिए सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है।
सैलजा ने दावा किया कि इस बिल के तहत अब किसी भी एजेंसी को 30 दिन तक हिरासत का अधिकार मिल जाएगा, जिसका दुरुपयोग कर सत्ता पक्ष विपक्ष की आवाज दबा सकता है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक न्यायपालिका की स्वतंत्रता खत्म करने वाला है और संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है।
“1984 दंगा पीड़ितों को नौकरी सिर्फ राजनीतिक चाल”
हरियाणा सरकार द्वारा 1984 के दंगा पीड़ितों के परिजनों को 11 साल बाद नौकरी देने के फैसले को सैलजा ने चुनावी चाल करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पंजाब विधानसभा चुनाव सामने दिख रहा है, इसलिए अचानक दंगा पीड़ितों की याद आई है। सैलजा ने आरोप लगाया कि यह कदम पंजाब में सैनी समुदाय को लुभाने और राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश है।
“हरियाणा में नशा और अपराध चरम पर”
सैलजा ने हरियाणा सरकार पर अपराध और नशे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट, बलात्कार और रंगदारी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सिरसा जिले में हर दूसरे दिन युवा नशे की गिरफ्त में दम तोड़ रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी से अपराध कम नहीं होंगे। जब तक अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक कानून-व्यवस्था सुधरना मुश्किल है। उन्होंने सरकार को जनता को गुमराह करने वाली यात्राओं और दिखावटी कार्यक्रमों से बाहर आकर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की नसीहत दी।