चरखी दादरी | हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा शुक्रवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे। बैठक के दौरान अचानक उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक वकील कोर्ट का सम्मन देने आया और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।
दरअसल, अप्रैल में दादरी की ग्रीवेंस मीटिंग में मंत्री और वकीलों के बीच तीखी बहस हो गई थी। इसी मामले को लेकर वकील संजीव तक्षक ने मंत्री के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। शुक्रवार की बैठक में उनका सहयोगी वकील प्रशांत गहलावत सम्मन देने पहुंचा, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसके विरोध में वकील थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग करने लगे।
बैठक में मंत्री राणा के समक्ष कुल 16 शिकायतें रखी गईं, जिनमें अवैध खनन, फर्जी प्रॉपर्टी आईडी और अवैध कॉलोनियां विकसित करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इनमें से 12 मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 4 मामलों को अगली बैठक तक टाल दिया गया।
प्रेस से बातचीत में मंत्री राणा ने कहा कि हालिया बारिश से बर्बाद हुई फसलों की भरपाई ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के जरिए की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें ताकि समय पर मुआवजा मिल सके।