Shimla, 4 September-हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन और सड़कें बह जाने से प्रदेश में वीरवार को कुल 1638 सड़कें बाधित हो गईं। लोक निर्माण विभाग ने इन्हें खोलने के लिए 1300 से अधिक मशीनें तैनात की हैं, लेकिन भरमौर क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां कई स्थानों पर सड़कें बह जाने के कारण मशीनरी तक नहीं पहुंच पा रही। विभाग अब मशीनरी को एयरलिफ्ट कर भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि दोनों ओर से मार्ग बहाल किए जा सकें।
लोक निर्माण विभाग को अब तक 2300 करोड़ का नुकसान
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस मानसून सीजन में प्रदेश को अब तक लगभग 2300 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि भरमौर का हालात का जायजा लेने के लिए उन्होंने दो दिन का दौरा भी किया। कई सड़कों को क्षति पहुंची है, जिन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं।मंत्री ने बताया कि शुक्रवार को 650 सड़कों को बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने 1380 मशीनरी को कार्य में लगाया है। वहीं, जहां-जहां पुल बह गए हैं, वहां शीघ्र बहाली के लिए विभाग को बेली ब्रिज खरीदने की अनुमति भी दे दी गई है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही हिमाचल प्रदेश के लिए राहत पैकेज की मांग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब ने 10 हजार करोड़ रुपये के बकाया की मांग की है, उसी तरह हिमाचल का भी ओपीएस और जीएसटी क्षतिपूर्ति का बकाया केंद्र से जल्द जारी होना चाहिए।
फोरलेन परियोजनाओं को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में जिस तरह से 90 डिग्री पर कटिंग कर फोरलेन बनाए गए हैं, वह सही नहीं है। कई जगह नदी किनारे सड़क निर्माण होने के कारण मार्ग बह गए। आगे बनने वाले फोरलेन में टनल और ब्रिज को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि पहाड़ों की कटिंग कम से कम हो।