Shimla,Sanju
भारी बारिश के चलते राजधानी शिमला का कृष्णानगर क्षेत्र एक बार फिर खतरे के साए में आ गया है। इलाके में जमीन खिसकने और नालों में पानी भरने से कई मकानों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई घर खाली करवाए हैं। हालात ऐसे हैं कि छह परिवारों को अपना आशियाना छोड़कर शेल्टर होम में शरण लेनी पड़ी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रातभर नालों में बहते पानी और भारी बारिश की आवाज़ ने उनकी नींद उड़ा दी। लोग डर के साए में जी रहे हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका से सहमे हुए हैं।निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को खतरे की जानकारी दी और घरों के साथ डंगा (सुरक्षा दीवार) बनाने की मांग उठाई, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार न बनने से खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
निवासी बोले – बार-बार गुहार के बाद भी कार्रवाई नहीं
कृष्णानगर के निवासियों ने बताया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन ने नाले के किनारे सुरक्षा दीवार नहीं बनाई। एक निवासी ने कहा, “हम कई बार प्रशासन को आगाह कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हालात यह हैं कि हमें अपने ही घर छोड़कर शेल्टर होम में रहना पड़ रहा है।लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनकी सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। फिलहाल, क्षेत्रवासी प्रशासन की ओर से राहत और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।