Shimla, 5 September
राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मंत्री हर्ष महाजन ने कहा कि उन्होंने दिनांक 31 दिसम्बर 2024 को मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर पवित्र मणिमहेश यात्रा के इंतज़ामों के बारे में पहले ही चेताया था। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक तैयारियाँ नहीं की गईं, जिसके कारण श्रद्धालुओं को इस बार आपदा और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि उन्होंने पत्र में उल्लेख किया था कि जिला चम्बा के भरमौर क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ चर्चा के बाद कई सुझाव सरकार को दिए गए थे। मणिमहेश एक प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन एवं स्नान हेतु आते हैं। लेकिन बग्गा से भरमौर तक संकरी सड़कों और बग्गा से हडसर तक पैदल मार्ग की खराब स्थिति के कारण श्रद्धालुओं को घंटों जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने आग्रह किया था कि—
- भरमौर से हडसर तक बहुमंजिला पार्किंग स्थल विकसित किए जाएँ।
- सराय भवन, रैन बसेरे एवं शौचालयों का निर्माण किया जाए।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यात्रा प्रबंधन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
- अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों की तरह यहाँ भी श्राइन बोर्ड का गठन किया जाए।
लेकिन दुर्भाग्यवश, मुख्यमंत्री को लिखे पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा उठानी पड़ी।अब सांसद हर्ष महाजन ने एक बार फिर प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएँ, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि वर्ष 2026 की मणिमहेश यात्रा को बेहतर व्यवस्थाओं के साथ सुचारू रूप से संपन्न कराया जाएगा।