5 September, 2025
भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने जीवन के तीन सबसे अहम मार्गदर्शकों—पिता रमेश तेंदुलकर, पहले कोच रमाकांत आचरेकर और भाई अजीत तेंदुलकर—के प्रति आभार व्यक्त किया।
सचिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“यह सफर एक सिक्के, एक किट बैग और तीन मार्गदर्शक हाथों—मेरे पिता, आचरेकर सर और अजीत—के साथ शुरू हुआ। हमेशा आभारी रहूंगा।”
पिता और गुरु की याद
सचिन के पिता का 26 साल से भी अधिक समय पहले निधन हो गया था। मास्टर ब्लास्टर अक्सर उन्हें याद करते हुए भावुक पोस्ट साझा करते हैं। वहीं, उनके कोच रमाकांत आचरेकर का 2019 में 87 वर्ष की आयु में निधन हुआ। आचरेकर ने सचिन की तकनीक निखारने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें 1990 में द्रोणाचार्य पुरस्कार और 2010 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया था।
भाई अजीत का योगदान
सचिन ने कई मौकों पर कहा है कि उनके क्रिकेट करियर की नींव उनके बड़े भाई अजीत के मार्गदर्शन और त्याग से पड़ी। उन्होंने शुरुआती दिनों में सचिन का पूरा साथ दिया।
सचिन का शानदार करियर
सचिन ने 664 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 34,357 रन बनाए, जिसमें 100 शतक और 164 अर्धशतक शामिल हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने शतकों का शतक लगाया है।
वनडे में उन्होंने 18,426 रन (49 शतक, 96 अर्धशतक) और टेस्ट में 15,921 रन (51 शतक, 68 अर्धशतक) बनाए। वह वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज और 200 टेस्ट खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं।2011 का विश्व कप जीतना उनके करियर का सबसे बड़ा सपना था, जो पूरा हुआ जब भारत ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता।