नई दिल्ली | भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का शेयर पिछले एक साल में लगभग 15% तक टूट गया है, जिससे देशभर के 22 करोड़ से अधिक निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ा है।
शेयर की स्थिति
सितंबर 2024 में ₹1,048.90 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद से LIC का शेयर लगातार दबाव में रहा। मार्च 2025 में यह ₹715.30 तक गिरा, जो साल का सबसे निचला स्तर था। गुरुवार को शेयर मामूली गिरावट के साथ ₹876.85 पर बंद हुआ, जो अब भी शिखर से लगभग 20% कम है।
GST सुधार का असर नहीं
सरकार द्वारा किए गए दो-स्तरीय GST सुधार से FMCG और ऑटो सेक्टर में तेजी आई, लेकिन बीमा क्षेत्र और LIC के शेयर पर इसका खास असर नहीं दिखा। पिछले सप्ताह LIC का शेयर मुश्किल से 1% ऊपर चढ़ पाया।
पोर्टफोलियो की हालत
केवल LIC का शेयर ही नहीं, बल्कि इसके पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों के शेयर भी कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं। Ace Equity के आंकड़ों के अनुसार, LIC के पास मौजूद 266 कंपनियों में से 186 (70%) का शेयर पिछले एक साल में घाटे में रहा, जिनमें कई शेयर 74% तक टूट गए।
मुख्य गिरते हुए शेयर
VL E-Governance & IT Solutions, Flexituff Ventures International, Easy Trip Planners, Jaiprakash Associates, Vakrangee, Siemens और Jai Corp जैसे शेयर 50% से अधिक टूट चुके हैं। वहीं, पंजाब एंड सिंध बैंक, अडानी ग्रीन एनर्जी और इंडसइंड बैंक जैसे बड़े नाम 40-50% की गिरावट झेल चुके हैं।