Karnal, 21 September
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए करनाल में सेवा पखवाड़े के तहत किसान मैराथन का आयोजन किया गया। किसानों ने 5 किलोमीटर दौड़ लगाकर लोगों को संदेश दिया कि खेती को प्रकृति के साथ जोड़कर ही भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
कृषि मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि “रासायनिक खेती से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। किसानों को अब प्रकृति की ओर लौटना होगा और जैविक खेती को अपनाना होगा।”
धान खरीद व सहायता योजनाओं पर बोले मंत्री
श्याम सिंह राणा ने बताया कि धान खरीद की प्रक्रिया एक हफ्ता पहले ही शुरू कर दी गई है। मंडियों में सभी इंतजाम पूरे हैं और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अब किसानों को भुगतान 48 घंटे में सीधे खाते में मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सूखा राहत राशि 15,000 रुपये प्रति एकड़ तक दी जाएगी और पराली प्रबंधन के लिए भी किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ सहायता मिलेगी।
उर्वरक आयात पर जोर
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद मोहंती ने कहा कि देश को उर्वरक आयात पर निर्भरता घटानी होगी। प्रधानमंत्री ने भी किसानों से अपील की है कि वे 20% रासायनिक उर्वरक की जगह 20% बायो फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करें।
किसानों ने जताया संतोष
मैराथन में शामिल किसानों ने कहा कि मौजूदा सरकार की योजनाएं—एमएसपी, सीधी भुगतान प्रणाली और सहायता राशियाँ—उनके लिए बेहद मददगार साबित हो रही हैं।