Shimla, Sanju
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मोबाइल फॉरेंसिक वाहनों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कुल छह अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। प्रत्येक वाहन की क़ीमत 65 लाख रुपये है। ये वाहन डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेंसिक सर्विस के अंतर्गत कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक से लैस ये वाहन तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करने में मददगार साबित होंगे।
लंदन दौरे और विपक्ष के आरोपों पर भी दी सफाई
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने हालिया लंदन दौरे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी दौरा था और वे अपनी बेटी के एडमिशन के लिए लंदन गए थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस दौरे पर एक भी सरकारी रुपया खर्च नहीं किया गया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के विदेश दौरे को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि बिना अनुमति कोई भी विदेशी दौरा संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सीमेंट की बढ़ी कीमतों पर विपक्ष के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीमेंट पर कोई अतिरिक्त कर नहीं लगाया है। साथ ही उन्होंने जीएसटी को हिमाचल जैसे छोटे राज्यों के लिए घाटे का सौदा बताया। सीएम ने केंद्र सरकार और भाजपा से सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज हिमाचल को कब मिलेगा। उन्होंने कहा कि आपदा से जूझ रहे प्रदेश को इस समय वित्तीय मदद की सख्त ज़रूरत है।
राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने माना कि पर्यटन विकास निगम और परिवहन निगम के कर्मचारियों को आने वाले चार से पांच महीनों तक वेतन में देरी हो सकती है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि कर्मचारियों का वेतन और पेंशन समय पर देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर आर्थिक संकट का ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि मौजूदा सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि स्थिति को जल्द सुधारा जा सके।