नई दिल्ली | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने मौद्रिक नीति पर जानकारी देते हुए रुपए की डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होती स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में रुपया मूल्यह्रास (depreciation) और बाजार में अस्थिरता का सामना कर रहा है। हालांकि, गवर्नर ने आश्वासन दिया कि केंद्रीय बैंक रुपए की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर कदम उठाएगा।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में रुपए पर दबाव
सितंबर के आखिरी हफ्ते में रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले करीब 1.2% गिरकर अप्रैल 2025 के बाद के निचले स्तर पर पहुंच गई। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 82.15 रुपए प्रति डॉलर से गिरकर लगभग 83.15 रुपए प्रति डॉलर पर आ गया।
कमजोरी के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कमजोरी के पीछे वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की कड़ी मौद्रिक नीति और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव मुख्य वजह हैं।
RBI की सतर्कता और निवेशकों के लिए संदेश
RBI गवर्नर ने कहा कि सेंट्रल बैंक विदेशी मुद्रा बाजार की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने निवेशकों और कारोबारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक अर्थव्यवस्था की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा अस्थिरता फिलहाल अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन आने वाले दिनों में वैश्विक नीतिगत फैसलों और घरेलू आर्थिक सुधारों पर ही रुपए का रुझान निर्भर करेगा।