नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने नागपुर में धूमधाम से विजयादशमी उत्सव 2025 मनाया। इस बार यह आयोजन खास रहा क्योंकि संघ अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष का भी जश्न मना रहा है। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कई अहम मुद्दों पर संबोधन दिया।
गुरु तेग बहादुर और गांधी-शास्त्री को किया नमन
भागवत ने अपने भाषण की शुरुआत श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गांधी का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान अविस्मरणीय है, जबकि शास्त्री जी देश सेवा और सादगी के प्रतीक रहे।
पहल्गाम हमले और सरकार की प्रतिक्रिया
भागवत ने कहा कि अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 श्रद्धालुओं की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारत सरकार और सेना ने साहस और रणनीति से इसका करारा जवाब दिया। इस दौरान देश ने नेतृत्व, सेना और समाज की एकजुटता का उदाहरण देखा।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक संबंधों पर जोर
अमेरिका की टैरिफ नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया आपसी निर्भरता पर आधारित है, लेकिन भारत को आत्मनिर्भर रहते हुए ही अंतरराष्ट्रीय रिश्ते बनाने चाहिए। उन्होंने स्वदेशी और स्वावलंबन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
हिमालय और पर्यावरण पर चिंता
भागवत ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं लगातार बढ़ रही हैं और हिमालय की स्थिति खतरे का संकेत दे रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने विकास के मॉडल पर पुनर्विचार करना होगा और प्रकृति के साथ संतुलन साधना होगा।
युवा पीढ़ी में बढ़ रही देशभक्ति
संघ प्रमुख ने कहा कि आज समाज और विशेषकर नई पीढ़ी में देशभक्ति और संस्कृति के प्रति आस्था लगातार बढ़ रही है। स्वयंसेवी संगठन और धार्मिक संस्थाएं समाज के कमजोर वर्गों की सेवा में आगे आ रही हैं।
पड़ोसी देशों की स्थिति पर टिप्पणी
उन्होंने श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में हालिया उथल-पुथल का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों से भारत को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि देश और दुनिया में अस्थिरता फैलाने वाली ताकतें सक्रिय हैं।
महाकुंभ का उल्लेख
भागवत ने प्रयागराज महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि इस आयोजन ने श्रद्धा, एकता और अनुशासन का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया और विश्व स्तर पर भी रिकॉर्ड स्थापित किया।