नई दिल्ली। कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष नियुक्ति को लेकर वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री संपत सिंह ने पार्टी के उच्च नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक साल की लंबी विचार-विमर्श के बाद भी वह बदलाव नहीं दिख रहा, जबकि लगातार पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले को फिर से जिम्मेदारी दे दी गई है।
संपत सिंह ने अपने पोस्ट में बिना किसी का नाम लिए कहा कि स्वर्गीय चौधरी भजनलाल के नेतृत्व में 2005 में 67 सीटें जीतने के बाद लगातार पार्टी को नुकसान पहुँचाने वाले नेता को फिर से पार्टी सौंप दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा और इस नुकसान की भरपाई करना लगभग असंभव है।
उनके इस बयान से पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा फैल गई है और जनता में अविश्वसनीयता की स्थिति बनी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि शीर्ष नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद युवाओं को जल्द ही प्रदेश की कमान सौंपी जाएगी।
इससे पहले, 25 सितंबर को रोहतक में स्वर्गीय चौधरी देवीलाल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भी संपत सिंह ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर तंज कसा था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें रैली में जाने से मना किया था, लेकिन चौधरी देवीलाल के कार्यक्रम में जाना उनके लिए प्राथमिकता थी।
संपत सिंह की यह प्रतिक्रिया पार्टी में नेता प्रतिपक्ष के चयन प्रक्रिया और नियुक्ति पर सीधे सवाल उठाने के रूप में देखी जा रही है।