1 October, 2025
आज पूरे देश में विजयादशमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इसे दशहरा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद राक्षस राजा रावण का वध कर अपनी पत्नी सीता को मुक्त कराया और अयोध्या लौटे थे।
इसी कारण यह पर्व सत्य, साहस और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को तारा उदय के समय ‘विजय’ नामक शुभ मुहूर्त होता है, इसी कारण इस दिन को ‘विजयादशमी’ कहा जाता है।
रामायण के अनुसार, रावण और श्रीराम के बीच युद्ध दस दिनों तक चला और दशमी तिथि को रावण का अंत हुआ। तभी से इस दिन रावण दहन की परंपरा चली आ रही है, जो बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का संदेश देती है।
विजयादशमी केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि यह जीवन में अंधकार और अन्याय पर सत्य, सद्गुण और प्रकाश की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अंततः धर्म और सदाचार की ही जीत होती है। देशभर में आज रावण दहन और उत्सवों का आयोजन कर लोग विजयादशमी का पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मना रहे हैं।