नई दिल्ली | मशहूर सिंगर और आइकन जुबीन गर्ग की मौत मामले में नया ट्विस्ट सामने आया है। उनके बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल ऑर्गनाइज़र श्यामकानु महांता ने उन्हें जहर देकर मारने की साजिश रची और इसे हादसा बताने का प्रयास किया।
गोस्वामी ने गवाह के तौर पर अपने बयान में बताया कि जुबीन की मौत से पहले मैनेजर शर्मा का व्यवहार संदिग्ध था। शर्मा पर पहले ही हत्या, आपराधिक साजिश और गैर-इरादतन हत्या जैसे गंभीर गैर-जमानती आरोप दर्ज हैं।
आरोपों का विवरण
गोस्वामी के अनुसार, सिंगापुर के पैन पैसेफिर होटल में यात्रा के दौरान शर्मा ने यॉट का नियंत्रण जबरन अपने हाथ में ले लिया। इसके कारण यॉट समुद्र में खतरनाक तरीके से डगमगाने लगी और सभी की जान जोखिम में पड़ गई।
उन्होंने बताया कि शर्मा ने असम एसोसिएशन (सिंगापुर) के सदस्य तन्मय फुकन को कहा कि ड्रिंक की व्यवस्था करें। जब जुबीन डूबने की स्थिति में थे, तो शर्मा ने जोर देकर कहा, “जाबो दे, जाबो दे” (उसे जाने दो)।
गोस्वामी ने दावा किया कि जुबीन प्रशिक्षित तैराक थे और उन्होंने स्वयं उन्हें तैराकी सिखाई थी, इसलिए उनकी मौत डूबने से होना असंभव है। उनका आरोप है कि शर्मा और महांता ने जुबीन को जहर दिया और साजिश छुपाने के लिए सिंगापुर को घटना स्थल बनाया।
गोस्वामी का आरोप: मेडिकल लापरवाही भी शामिल
गोस्वामी ने कहा कि जब जुबीन के मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, शर्मा ने इसे एसिड रिफ्लक्स बता कर बाकी लोगों को चिंता न करने के लिए कहा। मेडिकल मदद न बुलाने से स्थिति बिगड़ी और जुबीन की मौत तेज़ी से हुई।
हालांकि, पूछताछ में सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महांता ने इन आरोपों से इंकार किया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि गवाहों के बयान, वित्तीय लेन-देन और अन्य सबूतों के आधार पर शर्मा की भूमिका पर गंभीर शक बनता है।