Chandigarh, 4 October
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय कौशल दीक्षांत समारोह 2025 के दौरान प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत देशभर के 1,000 से अधिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक उपकरणों, उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों और विशेषज्ञों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही ₹62,000 करोड़ की युवा-केंद्रित पहलों की भी घोषणा की गई।प्रधानमंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि आईटीआई केवल औद्योगिक शिक्षा केंद्र ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की कार्यशालाएँ हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आईटीआई लगभग 170 ट्रेडों में प्रशिक्षण दे रहे हैं और अब तक 1.5 करोड़ से अधिक युवा लाभान्वित हो चुके हैं।उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जहाँ केवल 10,000 आईटीआई थे, वहीं पिछले दशक में 5,000 नए संस्थान स्थापित हुए हैं। पीएम-सेतु योजना से आईटीआई उद्योगों से सीधे जुड़ेंगे, जिससे रोजगार और निर्यात दोनों में वृद्धि होगी।
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- आईटीआई सेक्टर-28, चंडीगढ़ का वार्षिक दीक्षांत समारोह
- इसी अवसर पर सरकारी आईटीआई, सेक्टर-28, चंडीगढ़ में वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 487 प्रशिक्षुओं को राष्ट्रीय व्यापार प्रमाणपत्र (NTC) प्रदान किए गए।मुख्य अतिथि श्री रोहित ग्रोवर, प्रबंध निदेशक, जेआरईडब्ल्यू इंजीनियरिंग लिमिटेड ने कहा कि “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कभी भी कुशल श्रमिकों का स्थान नहीं ले सकती। मनुष्य के कौशल की महत्ता सदैव बनी रहेगी।”संस्थान के प्राचार्य अरुण गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आईटीआई संस्थान प्रधानमंत्री के “विकसित भारत @2047” विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, संकाय एवं स्टाफ ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
