पलवल, 5 अक्टूबर
हरियाणा सरकार द्वारा 22 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन पलवल ज़िले की मंडियों में अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है। इससे किसान परेशान हैं और मजबूरी में अपनी फसल प्राइवेट एजेंसियों को ओने-पौने दामों में बेच रहे हैं। किसानों का कहना है कि मंडी अधिकारी उन्हें यह कहकर टाल रहे हैं कि अभी सरकार के आदेश नहीं आए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की सभी मंडियों में 22 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 4 अक्टूबर तक पलवल जिले की किसी भी मंडी में सरकारी खरीद आरंभ नहीं हुई है।पलवल जिले में कुल चार प्रमुख मंडियां हैं — होडल, हसनपुर, हथीन और पलवल — लेकिन सभी जगहों पर किसान अपनी फसल लेकर पहुंचने के बावजूद सरकारी भाव पर बिक्री नहीं कर पा रहे।मंडी में हर ओर किसानों की धान की बोरियां नज़र आ रही हैं, लेकिन उन्हें सरकारी रेट 2389 रुपए प्रति क्विंटल (धान) और 3200 रुपए (बासमती) की बजाय प्राइवेट एजेंसियां 1400 से 1800 रुपए (धान) और 2400 से 2600 रुपए (बासमती) में खरीद रही हैं।अब तक जिले में प्राइवेट एजेंसियों ने करीब 3,12,332 क्विंटल धान की खरीद की है। सिर्फ होडल मंडी में ही 94,111 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर जिले के 10,435 किसानों ने पंजीकरण कराया है, लेकिन अभी तक किसी की भी फसल की सरकारी खरीद नहीं हुई।किसान आरोप लगा रहे हैं कि मंडी अधिकारी उन्हें भ्रमित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार के आदेश नहीं आए हैं, जिसके चलते वे मजबूरी में प्राइवेट एजेंसियों को सस्ता धान बेच रहे हैं।