कुरुक्षेत्र, 5 अक्टूबर
विदेशों में मारे गए भारतीय नागरिकों और देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की सुरक्षा व आत्मिक शांति के लिए 12 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र में एक शांति महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ से पहले 8 अक्टूबर को जींद से पैदल यात्रा शुरू होगी, जो 11 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी
इस बारे में जानकारी देते हुए डॉ. जसवीर लोहान ने बताया कि विदेशों में कई भारतीयों की किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है और कुछ का अंतिम संस्कार विधिवत नहीं हो पाता। ऐसे सभी भारतीयों की आत्मा की शांति तथा सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाले फौजियों के स्वास्थ्य और शहीदों की आत्मिक शांति के लिए यह हवन यज्ञ किया जा रहा है।यात्रा के दौरान हर गांव से मिट्टी और पानी एकत्र किया जाएगा, जिसे कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर के निकट मेडिटेशन हॉल में स्थापित हवन कुंडों में उपयोग किया जाएगा। यह मिट्टी 48 कोष क्षेत्र से भी एकत्र की जाएगी।जाट सभा के प्रधान कृष्ण शौकंद ने अपील की कि “हर घर से एक मुट्ठी मिट्टी और पानी का लोटा जरूर लेकर आएं, ताकि इस हवन में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।”डॉ. लोहान ने बताया कि उनकी संस्था यारी इंटरनेशनल (अमेरिका एवं इंडिया) विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सहायता के लिए कार्यरत है। यदि किसी भारतीय को विदेश में कोई परेशानी होती है, तो संस्था उसकी मदद करती है। वहीं विदेश में किसी भारतीय की मृत्यु होने पर संस्था शव को निशुल्क भारत लाने की व्यवस्था भी करती है।