Mandi, Dharamveer
प्रदेश के सभी स्वास्थ्य शिक्षण संस्थानों में अब हर तीन महीने में स्टूडेंट्स की अटेंडेंस और इंटरनल एसेसमेंट की समीक्षा अनिवार्य हो जाएगी। इसके साथ ही, सभी जानकारी अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी को भी ऑनलाइन भेजी जाएगी।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि पहले यह प्रक्रिया केवल वर्ष में एक बार होती थी, जिससे कई स्टूडेंट्स अपनी कम उपस्थिति को पूरा कराने के लिए ढेरों जुगाड़ लगा लेते थे। अब यह व्यवस्था हर तीन महीने में लागू होगी। जो छात्र बिना ठोस कारण के अनुपस्थित पाए जाएंगे, उनके अभिभावकों को ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।इस प्रक्रिया के तहत छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन और इंटरनल एसेसमेंट पर भी नजर रखी जाएगी। जिन्हें कमी पाई जाएगी, उनके लिए समय रहते एक्स्ट्रा क्लासेज का प्रावधान किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने अपने सॉफ्टवेयर में इस मॉनिटरिंग सिस्टम को जोड़ दिया है और सभी डेटा ऑनलाइन अपलोड करने की शर्त रखी है।
डा. सुरेंद्र कश्यप ने कहा कि इसका उद्देश्य छात्रों को नियमित रूप से पढ़ाई में बनाए रखना और अंतिम समय में परीक्षा से वंचित होने जैसी स्थिति से बचाना है। शिक्षकों को यह भी पता रहेगा कि किन छात्रों को अतिरिक्त मदद की जरूरत है, जिससे संस्थानों में पढ़ाई का माहौल और अनुशासन मजबूत होगा। मेडिकल या अन्य मान्य कारण से अनुपस्थिति की स्थिति को छोड़कर अन्य मामलों में सख्ती बरती जाएगी।यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि अब यह निर्देश केवल जारी नहीं होंगे, बल्कि औपचारिक तौर पर नियमित निगरानी भी की जाएगी। यह व्यवस्था मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, आयुष और पैरामेडिकल कॉलेजों में लागू होगी और हजारों छात्रों को इसके लाभ मिलेंगे।