मोहाली, 6 अक्टूबर
ज़िला मजिस्ट्रेट कोमल मित्तल ने साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर ज़िले में दिवाली, गुरु नानक देव जी की जयंती, क्रिसमस और नव वर्ष के अवसरों पर आतिशबाज़ी के सीमित उपयोग संबंधी आदेश जारी किए हैं। ये आदेश भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (बी.एन.एन.एस) की धारा 163 के तहत जनहित में लागू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग, पंजाब सरकार के 18 सितंबर 2025 को जारी निर्देशों के अनुरूप है।ज़िला मजिस्ट्रेट ने कहा कि त्योहारों के दौरान व्यापारी बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण और बिक्री करते हैं, इसलिए सुरक्षा और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। आदेश के अनुसार —
- श्रृंखलाबद्ध पटाखों (लड़ियों) के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- केवल ग्रीन पटाखों (जिनमें बेरियम साल्ट, एंटीमनी, लिथियम, मर्करी, आर्सेनिक, सीसा या स्ट्रोंटियम क्रोमेट जैसे रसायन नहीं होते) की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी जाएगी।
- सिर्फ लाइसेंस प्राप्त विक्रेता ही अनुमोदित पटाखे बेच सकेंगे।
पटाखे फोड़ने का अनुमत समय:
- दिवाली (20 अक्टूबर): रात 8 बजे से 10 बजे तक
- गुरु नानक देव जी की जयंती (5 नवंबर): सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और रात 9 बजे से 10 बजे तक
- क्रिसमस (25-26 दिसंबर): रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक
- नव वर्ष (31 दिसंबर – 1 जनवरी): रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक
ज़िला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सामुदायिक आतिशबाज़ी को प्रोत्साहन दिया जाएगा और इसके लिए विशेष स्थान पहले से तय किए जाएंगे। वहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (जैसे फ्लिपकार्ट, अमेज़न आदि) के माध्यम से पटाखों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
निगरानी और प्रवर्तन:
पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण विभाग संयुक्त रूप से इन आदेशों की निगरानी करेंगे।पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी करेंगे। उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा विस्फोटक नियम, 2008 के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।ज़िला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और बी.एन.एन.एस की संबंधित धाराओं के तहत दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह आदेश 1 अक्टूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।