लखनऊ | उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती और उनकी पार्टी बहुजन समाज पार्टी (BSP) एक बार फिर सक्रिय राजनीति में उतरी हैं। आज कांशीराम परिनिर्वाण दिवस के मौके पर लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर BSP बड़ी रैली आयोजित कर रही है।
रैली की खास बातें
- पार्टी का दावा है कि प्रदेश भर से 5 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता रैली में शामिल होंगे।
- मायावती लगभग 3 घंटे मंच पर रहेंगी और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी।
- रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।
मंच पर कौन-कौन होगा?
- कार्यक्रम में कुल 7 कुर्सियां रखी गई हैं।
- मायावती के साथ मंच पर मौजूद रहेंगे:
- आनंद कुमार (भाई)
- आकाश आनंद (भतीजा और युवा चेहरा)
- सतीश चंद्र मिश्र (वरिष्ठ BSP नेता)
- अन्य प्रमुख पार्टी नेता
- कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे होगी।
कार्यकर्ताओं के लिए विशेष इंतजाम
- चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी ने पहली बार “कार्यकर्ता सहायता शिविर” लगाया है।
- यहां युवा कार्यकर्ता दिनभर मदद के लिए मौजूद रहेंगे।
2021 रैली का पैटर्न दोहराया गया
- पिछली बार मायावती ने 9 अक्टूबर 2021 को भी कांशीराम स्मारक स्थल पर रैली की थी।
- तब कुछ ही महीनों बाद 2022 विधानसभा चुनाव थे, जिसमें BSP को सिर्फ एक सीट मिली थी।
- इस बार भी वही तारीख, वही स्थान और वैसा माहौल चुना गया है।
- स्पष्ट है कि यह रैली 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है।
बसपा की रणनीति
- 2022 के चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद BSP लगातार कमजोर हो रही है।
- इस रैली के जरिए मायावती अपनी पार्टी की ताकत दिखाना चाहती हैं।
- कोर वोट बैंक (दलित, पिछड़े, मुस्लिम) को दोबारा पार्टी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
- मायावती चाहती हैं कि जनता उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में एक मजबूत विकल्प के रूप में देखे।