शिमला, 13 अक्टूबर:-पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हिमाचल की जनता से जो गारंटियां दी थीं, उन्हें पूरा करना तो दूर, अब उनका जिक्र तक नहीं किया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी हाल ही में सरकारी कार्यक्रम के नाम पर रिज मैदान पहुंचीं, लेकिन अपनी ही सरकार से किए गए वादों पर कोई सवाल नहीं उठाया। प्रदेश की जनता तीन साल से उन गारंटियों के जवाब की प्रतीक्षा कर रही है, परंतु कांग्रेस नेताओं ने केवल राजनीतिक बयानबाज़ी की और केंद्र सरकार पर आरोप लगाने तक खुद को सीमित रखा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को अब तक 5500 करोड़ रुपये से अधिक की आपदा सहायता प्रदान की है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज भी घोषित किया। इसके बावजूद राज्य सरकार प्रभावित परिवारों तक 300 करोड़ रुपये भी नहीं पहुंचा पाई है। उन्होंने सवाल किया कि इतनी बड़ी राशि का उपयोग आखिर कहां और कैसे किया जा रहा है?उन्होंने कहा कि एडीबी, वर्ल्ड बैंक और अन्य बाहरी एजेंसियों के सहयोग से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग से चल रहे हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार और कांग्रेस नेतृत्व ने सामान्य शिष्टाचार के नाते भी केंद्र का धन्यवाद नहीं किया।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि रिज मैदान जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर “सरकारी कार्यक्रम” के नाम पर राजनीतिक रैली आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि “इस मंच की अपनी गरिमा है, जहां केवल प्रधानमंत्री स्तर के कार्यक्रम ही आयोजित होते रहे हैं, लेकिन मौजूदा सरकार ने परंपरा तोड़कर इसे भी राजनीतिक प्रचार का माध्यम बना दिया।”नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए थी। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब प्रभावितों से मिल सकते हैं और राहत पैकेज दे सकते हैं, तो कांग्रेस के शीर्ष नेता ऐसा क्यों नहीं कर सके?
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि “प्रियंका गांधी के हिमाचल में घर बनाने से प्रदेश को आखिर क्या फायदा हुआ है?” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह दावा न केवल हास्यास्पद है, बल्कि जनता के बीच उपहास का विषय बन गया है।