नूरपुर, संजीव महाजन-: जब आस्था, विश्वास और भक्ति एक साथ मिल जाएं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। नूरपुर उपमंडल के गांव डन्नी के युवा ‘वाकी’ ने यही साबित किया है। उन्होंने मणिमहेश से बद्रीनाथ और फिर हरिद्वार से भरमौर के चौरासी मंदिर तक नंगे पांव 1414 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर एक नई मिसाल कायम की है।यह कठिन यात्रा 70 दिनों में पूरी हुई। वाकी ने इस दौरान पहाड़ी रास्तों, बारिश, ठंड और गर्मी जैसी तमाम चुनौतियों को पार किया, लेकिन उनका विश्वास कभी नहीं डगमगाया।
वाकी की इस यात्रा की शुरुआत उनके गांव की खज्जन पंचायत स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर से हुई थी। बताया जाता है कि उनकी मां ने बाबा बालकनाथ से मन्नत मांगी थी, और उसी मन्नत को पूरा करने के लिए वाकी ने नंगे पांव यह कठिन यात्रा शुरू की।जब वाकी यात्रा पूरी कर अपने गांव लौटे, तो बाबा बालकनाथ के जयकारों के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया। पूरा क्षेत्र गर्व और खुशी से झूम उठा।स्थानीय लोगों का कहना है कि वाकी की यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक सफर नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प और मातृभक्ति का प्रतीक है। नूरपुर के इस युवा ने यह साबित कर दिया कि सच्ची आस्था के आगे कोई दूरी बड़ी नहीं होती