भिवानी | हरियाणा के चर्चित मनीषा मौत मामले में CBI जांच की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है। जांच एजेंसी को केस सौंपे जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि वे दिवाली तक सच सामने आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से उन्हें CBI की ओर से कोई नई जानकारी नहीं मिली है।
40 दिन से जारी जांच, कई गवाहों से पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, CBI की टीम पिछले 40 दिनों से लगातार जांच में जुटी हुई है। अब तक एजेंसी ने प्ले स्कूल, कॉलेज प्रबंधन और चश्मदीद गवाहों से कई दौर की पूछताछ की है। मनीषा के परिजनों से भी पांच बार बयान लिए जा चुके हैं। CBI की छह सदस्यीय टीम भिवानी के रेस्ट हाउस में बंद कमरे में तथ्यों की पड़ताल में जुटी रही। चर्चा थी कि दिल्ली से एक वरिष्ठ IPS अधिकारी जांच की समीक्षा के लिए आने वाले हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हत्या से आत्महत्या की थ्योरी तक पहुंचा मामला
गौरतलब है कि 11 अगस्त को लापता हुई मनीषा का शव 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास मिला था। भिवानी पुलिस द्वारा कराए गए पहले पोस्टमार्टम में मनीषा की मौत को तेजधार हथियार से की गई हत्या बताया गया था। लेकिन रोहतक पीजीआई में हुए दूसरे पोस्टमार्टम में आत्महत्या की थ्योरी सामने आई। इस विरोधाभास ने मामले को और उलझा दिया, जिसके बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया और CBI जांच की मांग तेज हो गई।
CBI की जांच पर उठ रहे सवाल
अब जबकि मामला CBI के पास तीन सितंबर से है, लोगों में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या जांच एजेंसी दिवाली से पहले सच उजागर कर पाएगी? परिजनों का कहना है कि वे सिर्फ न्याय की उम्मीद पर टिके हुए हैं और चाहते हैं कि CBI जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचे, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।