रोहतक | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को रोहतक के बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, अस्थल बोहर में चौथे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को इंडस्ट्री-एकेडमी पार्टनरशिप अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि तकनीकी संस्थानों में प्लेसमेंट के लिए अब तक 580 से अधिक उद्योगों के साथ समझौते किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रदेश में ऐसे शिक्षण संस्थान तैयार किए जाने की जानकारी दी, जिनमें केजी से लेकर पीजी तक शिक्षा उपलब्ध होगी। कई विश्वविद्यालयों में केजी-पीजी स्कीम के तहत दाखिले भी शुरू किए गए हैं। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महंत बालक नाथ योगी भी मौजूद रहे। समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पदक और उपाधियां भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में ऐसे सुधारों पर जोर दे रही है, जिनसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी मिलें। उन्होंने बताया कि अब तक 1.80 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और तीसरे कार्यकाल में 2 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कड़ी मेहनत करें, उनका प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा।
सैनी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि भावी पीढ़ी को ऐसी शिक्षा मिले, जो उन्हें रोजगार सक्षम, चरित्रवान और नैतिक गुणों से युक्त बनाए। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में NEP 2024 को लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं:
- स्कूलों में एनएसक्यूएफ (NSQF) आधारित कौशल प्रशिक्षण
- कॉलेजों में ‘पहल योजना’
- विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर
- तकनीकी संस्थानों में उद्योगों के साथ एमओयू
इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल और रोजगार की दिशा में सक्षम बनाना है।