Mandi, Dharamveer
हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने लंबित मांगें पूरी न होने पर सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले शुक्रवार को मंडी शहर में आयोजित विरोध रैली में पेंशनरों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे शिमला में भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
सेरी चौक पर हुए धरने में 17 इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे पहले पड्डल मैदान से सेरी मंच तक पेंशनरों ने आक्रोश रैली निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा केवल 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने के हालिया ऐलान को “उंट के मुंह में जीरा” करार दिया।संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हिम्मत राम शर्मा ने कहा कि सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों से किए गए वादे पूरे नहीं किए। तीन साल से संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) की बैठक तक नहीं बुलाई गई और न ही 7वें वेतन आयोग के तहत लंबित बकाया जारी किया गया है।उन्होंने कहा कि “100 महीनों से अधिक का महंगाई भत्ता बकाया है, जबकि सरकार ने केवल 3 प्रतिशत डीए देकर कर्मचारियों को भ्रमित करने का काम किया है।”
फेडरेशन के मीडिया प्रभारी अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि 2016 से 2021 तक की देनदारियां भी अब तक लंबित हैं और सरकार इस पर बात करने से भी बच रही है। उन्होंने कहा कि “अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो राज्य स्तरीय रैली में पेंशनर भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।”