चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार और ASI संदीप लाठर की आत्महत्याओं को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच चल रही है और सरकार पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संकल्पित है।
वाई पूरन कुमार, जो ADGP रैंक के IPS अधिकारी थे, ने सात अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में रिवाल्वर से आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने अंतिम नोट में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और रोहतक के SP समेत 15 अधिकारियों को आरोपित ठहराया था। उनके अनुसार उच्च अधिकारियों द्वारा जातिगत और मानसिक उत्पीड़न किया गया। इस मामले में उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार की शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
इसके बाद हरियाणा सरकार ने पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजा और SP नरेंद्र बिजरानिया को पद से हटा दिया। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए IG के नेतृत्व में छह सदस्यीय SIT गठित की।
करीब एक सप्ताह बाद रोहतक के साइबर सेल में तैनात ASI संदीप लाठर ने भी फाइनल नोट और वीडियो छोड़कर आत्महत्या कर ली। उनके नोट में शत्रुजीत कपूर और नरेंद्र बिजरानिया को ईमानदार अधिकारी बताया गया, जबकि वाई पूरन कुमार और अमनीत पी कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए। संदीप लाठर के परिजनों की शिकायत पर अमनीत पी कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिसकी जांच रोहतक पुलिस कर रही है।
इन घटनाओं के कारण हरियाणा सरकार की स्थिति संवेदनशील रही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 अक्टूबर का सोनीपत दौरा स्थगित कर दिया गया। मुख्यमंत्री नायब सैनी दोनों परिवारों को सांत्वना देने भी पहुंचे।
पंचकूला में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वाई पूरन कुमार की आत्महत्या की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है, जबकि संदीप लाठर की आत्महत्या की जांच हरियाणा पुलिस कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होगा और जांच निष्पक्ष रूप से पूरी की जाएगी। नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हरियाणा दौरा जल्द ही होगा, जिसमें वे कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।