पंचकुला | पंचकुला के हरड़ाखेड़ी गांव स्थित अपने आवास पर मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने बेटे अकील अख्तर की दवा ओवरडोज से मौत के मामले में लगाए गए आरोपों का खंडन किया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर इस घटना के दुख में थे, लेकिन अब मामला सार्वजनिक होने पर उन्होंने प्राथमिक बयान दिए हैं और जांच में सहयोग का भरोसा जताया।
मुस्तफा ने कहा कि इंटरनेट पर वायरल वीडियो व दर्ज मुकदमों को राजनीतिक विरोधियों की साजिश बताया जा रहा है। उनका कहना था कि परिवार ने पहले शोक के कारण सार्वजनिक तौर पर चुप्पी बनाए रखी थी, पर अब वे मामले की सत्यता सामने लाना चाहते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एसआइटी (विशेष जांच टीम) पूरी पारदर्शिता के साथ तफ्तीश करेगी और सच्चाई सामने आएगी।
घटना की पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, अकील अख्तर की 18 अक्टूबर की रात मौत दवा की ओवरडोज के कारण हुई बताई जा रही है। उसके शव का हरड़ाखेड़ी गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्थानीय सदर थाना को सूचना मिलने पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित वीडियो व अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
परिवार की प्रतिक्रिया और दांव-पेंच
मुस्तफा ने बेटे के मानसिक स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए कहा कि अकील साइकोटिक प्रवृत्ति का था और उसका इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि अकील ने इंटरनेट पर स्वयं की कुछ वीडियो और एक डायरी भी साझा की थी — परिवार मामले की जांच में पुलिस को वह डायरी सौंपेगा। मुस्तफा ने यह भी कहा कि कुछ पक्ष राजनीतिक प्रेरणा से मामले को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और वे निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।
प्राथमिक कानूनी कदम
इसी मामले में पंचकुला में पूर्व डीजीपी मुस्तफा, उनकी पत्नी (पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना), बेटी व बहू के खिलाफ हत्या व साजिश के आरोपों पर एक मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारी व सब-इंस्पेक्टर जगमोहन ने बताया कि टीम साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है और थोड़े समय में विस्तृत रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। परिवार ने भी कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे ताकि घटनाक्रम की पूर्ण सत्यता सामने आ सके।