हिमाचल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब साल में तीन बार होंगी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्तियां
Shimla, 22 October
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। राज्य सरकार ने पीजी पॉलिसी-2025 को अधिसूचित करते हुए तय किया है कि अब इन नियुक्तियों को साल में तीन बार — मार्च, जुलाई और नवंबर के अंत में किया जाएगा।
नई नीति के तहत, एम्स चमियाना में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को फील्ड पोस्टिंग से छूट दी गई है, हालांकि यह रियायत सिर्फ चमियाना संस्थान के लिए लागू होगी। अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में यह नियम यथावत रहेगा।राज्य सरकार ने पहले 10 अक्तूबर को सीनियर रेजिडेंट नीति में संशोधन किया था, जिसे 15 अक्तूबर को और अधिक स्पष्ट करते हुए पुनः अधिसूचित किया गया। नीति के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सीएमओ कार्यालय और स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय में की गई पोस्टिंग को बॉन्ड अवधि के दौरान परिधीय पोस्टिंग माना जाएगा। वहीं, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के रूप में की गई सेवाओं को अब इस श्रेणी में नहीं गिना जाएगा।
नीति में यह भी तय किया गया है कि सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से होगा। साथ ही, चमियाना को छोड़कर अन्य शिक्षण संस्थानों में की गई पोस्टिंग को परिधीय (पेरिफेरल) पोस्टिंग नहीं माना जाएगा।नियुक्तियां शिमला, नाहन, हमीरपुर, नेरचौक, चंबा, सोलन और चमियाना मेडिकल कॉलेजों में की जाएंगी। अभ्यर्थियों के पास एमबीबीएस की डिग्री और हिमाचल प्रदेश मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण अनिवार्य होगा। पात्रता के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष रखी गई है, जबकि सेवानिवृत्त चिकित्सक 65 वर्ष की आयु तक कार्य कर सकेंगे। चयनित उम्मीदवारों को यह शपथपत्र देना होगा कि वे इस पद पर स्थायी नियुक्ति, पदोन्नति या किसी सरकारी लाभ का दावा नहीं करेंगे।