नारनौल | हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में इन दिनों मौसम शुष्क और साफ बना हुआ है, लेकिन अगले 24 घंटों में दक्षिणी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना बन रही है, जिससे क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर कुछ हद तक नियंत्रण मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर की खाड़ी में एक डिप्रेशन और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) में बदल सकता है। इसके साथ ही उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर नया पश्चिमी विक्षोभ 27 अक्टूबर से सक्रिय होने की संभावना है।
इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में केवल हल्के मौसमीय परिवर्तन के संकेत हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को दक्षिण हरियाणा व एनसीआर के कुछ इलाकों में बिखरी हुई हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। इससे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार और ठंड के आगमन की शुरुआत होने की संभावना है।
वर्तमान में हवाओं की दिशा और गति में बदलाव के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार देखा जा रहा है। रविवार को दिन के तापमान में हल्की बढ़त और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह और देर शाम हल्की ठंड का अहसास होने लगा है, हालांकि दिन के तापमान अभी भी सामान्य से अधिक हैं।
आने वाले दिनों में दिन का तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव और शुष्क हवा के कारण मौसमी वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा देखा गया है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जिला महेंद्रगढ़ में भी मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। रविवार को नारनौल का तापमान 31.6°C (दिन) और 15.4°C (रात) जबकि महेंद्रगढ़ का 31.4°C (दिन) और 15.8°C (रात) दर्ज किया गया। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 62 दर्ज हुआ, जो दीपावली के दौरान 390 तक पहुंच गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 3-4 दिनों तक प्रदूषण में सुधार जारी रहेगा, हालांकि इसके बाद हवा की गुणवत्ता फिर से प्रभावित हो सकती है।