नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अक्टूबर को मुंबई का दौरा करेंगे, जहां वे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम भारत समुद्री सप्ताह (IMW) के तहत आयोजित किया जा रहा है।
PMO के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी “ग्लोबल मैरीटाइम CEO फोरम” की अध्यक्षता भी करेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय मंच वैश्विक समुद्री उद्योग से जुड़े शीर्ष अधिकारियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और रणनीतिक साझेदारों को एक साथ लाता है। इस फोरम में समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के भविष्य, हरित नौवहन, स्मार्ट पोर्ट तकनीक, मजबूत सप्लाई चेन और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।
बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री की यह भागीदारी “समुद्री अमृत काल विजन-2047” को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विजन के तहत भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चार रणनीतिक स्तंभ तय किए गए हैं—
- बंदरगाह आधारित विकास
- नौवहन और जहाज निर्माण को बढ़ावा
- निर्बाध और मजबूत आपूर्ति शृंखला का निर्माण
- समुद्री कौशल विकास और रोजगार सृजन
केंद्र सरकार का मानना है कि समुद्री क्षेत्र में विकास भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और देश को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।