नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय विमानन बाजार में भारत की भूमिका को लेकर बड़ी टिप्पणी करते हुए इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने कहा है कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि भारत विदेशी एयरलाइंस को द्विपक्षीय उड़ान अधिकार नहीं देना चाहता। एल्बर्स ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार संतुलित नीति के तहत विमानन समझौतों पर फैसला ले रही है।
इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है और इसके बेड़े में 400 से अधिक विमान शामिल हैं। कंपनी घरेलू उड़ानों के साथ-साथ अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को भी तेज़ी से विस्तार दे रही है। एल्बर्स ने कहा कि भारत से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने यह बयान तब दिया है जब कुछ विदेशी एयरलाइंस, खासकर खाड़ी देशों की कंपनियां, भारत द्वारा द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों में बढ़ोतरी न किए जाने पर चिंता जता चुकी हैं। इस पर एल्बर्स ने कहा, “भारत जहां आवश्यक होता है, वहीं विदेशी एयरलाइंस को यातायात अधिकार देता है। यह सोचना गलत है कि भारत द्विपक्षीय अधिकार नहीं दे रहा। सरकार इस विषय पर सही और संतुलित दृष्टिकोण अपना रही है।”
एल्बर्स ने आगे कहा कि इंडिगो ने वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी को बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। भारत में तो यह एयरलाइन मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो ही चुकी है, अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी यह बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।
हाल ही में इंडिगो ने लंदन, कोपेनहेगन, एम्स्टर्डम और मैनचेस्टर के लिए नई सीधी उड़ानें शुरू की हैं। इससे कंपनी ने यूरोप में अपनी पकड़ और मजबूत की है।