जकार्ता। इंडोनेशिया के बांदा सागर क्षेत्र में मंगलवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.6 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर 137 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
सुनामी का खतरा नहीं, लोगों में दहशत
इंडोनेशिया की भू-भौतिकी एजेंसी BMKG ने पुष्टि की कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मलुकू और सुलावेसी द्वीपों पर झटके हल्के तौर पर महसूस किए गए। राहत की बात यह है कि अब तक कहीं से जनहानि या संपत्ति नुकसान की खबर नहीं मिली है। हालांकि, लोग एहतियातन घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए और कुछ देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
बांदा सागर क्यों है भूकंप का हॉटस्पॉट?
बांदा सागर भूगर्भीय रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह प्रशांत महासागर की ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जो दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है। यहां ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेट्स की टक्कर के कारण बार-बार भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोट होते रहते हैं।
पिछले कुछ महीनों में बार-बार हिली धरती
इंडोनेशिया में हाल के महीनों में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं—
- सितंबर 2025: सुलावेसी द्वीप में 5.9 तीव्रता का भूकंप
- अगस्त 2025: जावा तट के पास 6.2 तीव्रता के झटके, सुनामी अलर्ट नहीं
- जुलाई 2025: पापुआ क्षेत्र में 5.4 तीव्रता का भूकंप
विशेषज्ञों के अनुसार, इंडोनेशिया में हर साल सैकड़ों छोटे और मध्यम भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से ज्यादातर समुद्र की गहराई में आते हैं।