नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार करके अब ओडिशा की ओर बढ़ रहा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में तूफान का प्रभाव देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और भारी बारिश से कुल 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
तूफान की रफ्तार धीमी, लेकिन खतरा बरकरार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘मोंथा’ की तीव्रता अब कमजोर पड़ती जा रही है और इसकी गति अनुमान से कम है। हालांकि, अभी भी निचले क्षेत्रों और तटीय इलाकों में चौकन्ना रहने की जरूरत है।
तेज हवाओं के बीच हादसा, एक महिला की मौत
तेज हवाओं के चलते अंबेडकर कोनासीमा जिले में एक बुजुर्ग महिला के घर पर पेड़ गिर गया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। इसके अलावा:
- नारियल के पेड़ गिरने से एक लड़का घायल
- तेज हवाओं में ऑटो पलटने से ऑटो चालक घायल
कब और कहां पहुंचा चक्रवात?
आईएमडी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 7 बजे चक्रवात मोंथा ने काकीनाडा के पास आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार किया। यह मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच से गुजरते हुए ओडिशा की ओर बढ़ गया।
सबसे ज्यादा असर वाले जिले:
- काकीनाडा
- कृष्णा
- एलुरु
- पूर्वी गोदावरी
- पश्चिमी गोदावरी
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा
- चिंतूरू और रामपचोदवरम क्षेत्र
सरकार सतर्क, रात में वाहनों की आवाजाही पर रोक
आंध्र प्रदेश सरकार ने तूफान को देखते हुए मंगलवार रात 8:30 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक सात जिलों में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। चक्रवात के 22 जिलों के 403 मंडलों को प्रभावित करने की आशंका जताई गई है।
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि:
- खेतों में खड़ी धान और सब्जियों की फसलें खराब हो सकती हैं
- निचले क्षेत्र जलमग्न हो सकते हैं
- किसानों को अतिरिक्त पानी खेतों से निकालने की सलाह दी गई है
राहत-बचाव के लिए भारी तैयारी
सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है:
- 81 वायरलेस टावर स्थापित
- 21 हाई मास्ट लाइटें लगाई गईं
- 1,447 अर्थमूवर, 321 ड्रोन, 1,040 चेनसॉ तैयार
- 3.6 करोड़ अलर्ट संदेश जनता को भेजे गए
सबसे ज्यादा बारिश नेल्लोर में दर्ज
सुबह 8:30 से शाम 4 बजे के बीच सबसे ज्यादा बारिश नेल्लोर जिले के उलवापाडु में 12.6 सेमी दर्ज की गई। इसके अलावा:
| स्थान | वर्षा (सेमी) |
| कावली | 12.2 |
| दगदर्थी | 12 |
| सिंगरायकोंडा | 10.5 |
| बी. कोदुर | 6 |
| विशाखापट्टनम | 2 |
| तुनी | 2 |
मोंथा नाम का क्या मतलब है?
‘मोंथा’ शब्द थाई भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है सुगंधित फूल। चक्रवातों का नामकरण वर्ष 2004 से शुरू हुआ था, ताकि इनकी पहचान और जागरूकता आसान हो सके। इस तूफान का नाम थाईलैंड ने प्रस्तावित किया था।