चंडीगढ़ | हरियाणा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस विचारधारा की नहीं, बल्कि व्यक्तिपूजा की पार्टी बनकर रह गई है। बिश्नोई की यह टिप्पणी पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह के इस्तीफे के बाद आई है, जिसने हरियाणा की सियासत में हलचल मचा दी है।
‘जहां विचार मरता है, वहां संगठन भी मर जाता है’
बिश्नोई ने प्रो. संपत सिंह का इस्तीफा पत्र अपने एक्स (X) हैंडल पर साझा करते हुए लिखा, “प्रो. संपत सिंह ने जो लिखा, वह केवल इस्तीफा नहीं, बल्कि एक सच्चा आईना है। सोचने वाले नेता निकल रहे हैं और चापलूस टिकाए जा रहे हैं। जहां विचार मरता है, वहां संगठन भी मर जाता है।”
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्पष्ट रूप से दिखाई दिए।
‘कांग्रेस में खत्म हो रहा है वैचारिक लोकतंत्र’
बिश्नोई ने कहा कि यह स्थिति कांग्रेस के वैचारिक पतन का प्रमाण है, जहां सिद्धांतों की जगह व्यक्तिगत स्वार्थ और गुटबाजी ने ले ली है। उन्होंने कहा कि आज पार्टी में असहमति की आवाज़ें दबा दी जाती हैं और ईमानदारी से काम करने वाले नेता किनारे कर दिए जाते हैं।
संपत सिंह के इस्तीफे से बढ़ा कांग्रेस का संकट
गौरतलब है कि प्रो. संपत सिंह ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए संगठन की गिरती आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अपने पत्र में उन्होंने कुलदीप बिश्नोई सहित दर्जन भर वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने को इसी समस्या का नतीजा बताया था। उन्होंने बिना नाम लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर संगठन को व्यक्तिगत वर्चस्व का माध्यम बनाने का आरोप लगाया था।
बिश्नोई के बयान के बाद हरियाणा कांग्रेस में सियासी तापमान और बढ़ गया है, वहीं पार्टी नेतृत्व के भीतर असंतोष की खाई और गहरी होती दिख रही है।