नरवाना | हरियाणा के नरवाना तहसील के गांव जाजनवाला के जवान अमरजीत नैन जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद अमरजीत नैन, फौजी परिवार से थे — उनके पिता रमेश कुमार भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक और गर्व का माहौल है। शहीद का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे उनके पैतृक गांव जाजनवाला में सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
सोमवार को ड्यूटी के दौरान नायब अमरजीत सिंह नैन की सर्विस राइफल से अचानक गोली चल गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली की आवाज सुनते ही कैंप में अफरा-तफरी मच गई। साथी जवान तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अमरजीत वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। सेना ने पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर गांव के लिए रवाना कर दिया है।
एक साल में दूसरी शहादत
गांव जाजनवाला में एक साल के भीतर यह दूसरी शहादत है। इससे पहले 8 जुलाई 2024 को इसी गांव के जवान प्रदीप नैन कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे। अब अमरजीत नैन की शहादत से गांव एक बार फिर मातम में डूब गया है, लेकिन साथ ही गर्व की भावना भी हर चेहरे पर झलक रही है।
गांव में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे देशभक्ति के नारे
शहीद के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के जवान शामिल होंगे। गांव की गलियों में “भारत माता की जय” और “अमर रहे अमरजीत नैन” के नारे गूंज रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जवानों ने अपने साहस और समर्पण से क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अमरजीत एक माह पहले ही छुट्टियां बिताकर गांव से ड्यूटी पर लौटे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि अगली बार वे तिरंगे में लिपटकर लौटेंगे। उनका बड़ा भाई खेती के साथ पढ़ाई कर रहा है। अमरजीत का जन्म 1996 में हुआ था और उन्होंने 2015 में भारतीय सेना में भर्ती ली थी। करीब तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनकी दो साल की एक बेटी है।