Dharamshala, 5 November
करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद धर्मशाला-मैक्लोडगंज रोपवे एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। भूस्खलन के चलते बंद हुआ संचालन अब जिला प्रशासन से आवश्यक एन.ओ.सी. (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलने के बाद 68 दिन बाद दोबारा शुरू किया गया।
IIT रिपोर्ट में सुरक्षित पाया गया पिलर
रोपवे शुरू होने से पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों में जबरदस्त उत्साह है। यह सुविधा धर्मशाला और मैक्लोडगंज के बीच यात्रा को आसान, तेज़ और रोमांचक बनाती है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब रोपवे का संचालन कंपनी अपनी जिम्मेदारी पर करेगी। इसके लिए आई.आई.टी. मुंबई और आई.आई.टी. कानपुर से तकनीकी परीक्षण करवाया गया था। रिपोर्ट में पाया गया कि भूस्खलन से प्रभावित पिलर नंबर-5 अब पूरी तरह सुरक्षित है।
गौरतलब है कि 20 अगस्त को भारी बारिश और भूस्खलन के बाद यह रोपवे बंद कर दिया गया था। उसके बाद एस.डी.एम. धर्मशाला की अध्यक्षता में बनी कमेटी और PWD की तकनीकी टीमों ने स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी थी।एच.ओ.डी. धर्मशाला रोपवे, दिनेश नेगी ने बताया कि “आई.आई.टी. की रिपोर्ट और प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद ही संचालन बहाल किया गया है।” वहीं, डी.सी. कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि “कंपनी को अपनी जिम्मेदारी पर संचालन की अनुमति दी गई है ताकि पर्यटक सुरक्षित यात्रा का अनुभव ले सकें।