Sanju, Shimla
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के जाल को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के अंतर्गत राज्य को 2271 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इस धनराशि से 294 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1538 किलोमीटर होगी।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि राज्य के कठिन भौगोलिक हालात को ध्यान में रखते हुए इस चरण में PMGSY-I के तहत बनी पुरानी सड़कों की मरम्मत को भी शामिल किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि जिन जगहों पर सड़कें निजी भूमि से होकर गुजरेंगी, वहां लोग विभाग को स्वेच्छा से गिफ्ट डीड प्रदान करें, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें।मंत्री ने कहा कि सड़क टायरिंग कार्य की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों की जांच के लिए सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि हालिया प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को करीब 4000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि केंद्र से अब तक 1500 करोड़ की सहायता लंबित है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार स्वयं के संसाधनों से बहाली कार्य जारी रखे हुए है। वर्तमान में 50 सड़कें बंद हैं, जिन्हें जल्द खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
अवैध डंपिंग पर सख्त रुख
अवैध डंपिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने कहा कि अब इस तरह की गतिविधियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ठेकेदारों के भुगतान को लेकर उन्होंने बताया कि कुछ भुगतान जारी किए जा चुके हैं और ट्रेजरी की तकनीकी दिक्कतें दूर होते ही शेष भुगतान भी शीघ्र कर दिए जाएंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा —“विकास के साथ देव परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं का सम्मान बनाए रखना उतना ही जरूरी है, ताकि भविष्य में विवाद न उत्पन्न हों।”