Mandi, Dharamveer -:मंडी जिला के बालीचौकी विकास खंड में एक बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2011 की जनगणना में भारी हेराफेरी की गई है, जिसके चलते सैकड़ों अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोगों को श्रेणी से बाहर कर दिया गया।
सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
OBC मोर्चा बालीचौकी के सदस्यों का कहना है कि इस तथ्य का खुलासा हाल ही में आरटीआई (सूचना के अधिकार) के माध्यम से हुआ है। उनका दावा है कि ब्लॉक की 22 पंचायतों में ओबीसी वर्ग के परिवार रहते हैं, जिनमें से 6 पंचायतों में 500 से अधिक ओबीसी परिवार हैं, फिर भी जनगणना में इन्हें “OBC शून्य” दर्ज किया गया।इससे नाराज ओबीसी मोर्चा ने राज्यपाल और प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर तत्काल जांच और सुधार की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 10 दिन के भीतर इन्हें पुनः ओबीसी श्रेणी में शामिल नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।
ओबीसी मोर्चा बालीचौकी के पूर्व अध्यक्ष बीरी सिंह भारद्वाज ने कहा कि “जनगणना के दौरान खुली हेराफेरी की गई है। जिन परिवारों को दशकों से ओबीसी सूची में दर्ज किया गया था, उन्हें अचानक बाहर कर देना सरासर अन्याय है। सरकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मंडी जिले के बालीचौकी क्षेत्र में OBC मोर्चा ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।मोर्चा का आरोप है कि 2011 की जनगणना में बड़ी हेराफेरी करते हुए सैकड़ों परिवारों को OBC श्रेणी से बाहर कर दिया गया।प्रदर्शनकारियों ने डीसी मंडी को ज्ञापन सौंपकर राज्यपाल और प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।मोर्चा ने 10 दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर सड़कों पर उतरने और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।”